Friday 6 January 2012

नेताजी आराधना कर रहे हैं

नेताजी आराधना कर रहे हैं
अपनी जीत के लिए साधना कर रहे हैं
यूपी में त्रिषंकु विधानसभा की कामना कर रहे हैं
हसीन सपनों में कभी कभी गमन कर रहे हैं।
तिहाड़ की वादियों में भ्रमण कर रहे हैं।
एम्स के वीआईपी वार्ड में शयन कर रहे हैं।
किसी आदर्श स्कैम का चयन कर रहे हैं।
मन हीं मन  फिर कुछ मनन कर रहे हैं
बस सफलता एक कदम दूर है
नैतिकता-वैतिकता की बात सोचना भूल है।
अपनी आत्मा को मारनेवाला हीं शूर-वीर है।
किसी को कुचल कर आगे बढ़ना हीं सफलता की मूल है।
और सब उलूल जुलूल है।
फिर दूसरा दृश्य सामने आता है
जो नेताजी में आत्मविश्वास जगाता है
फिर देख रहे हैं कि
वे नोटों की गड्डियों पर सो रहे हैं।
पांच सितारा होटलों में सो रहे हैं
दूर लखनऊ से रह रहे हैं।
कभी दूसरे सपने भी आते हैं
जो उनके मन को भाते हैं।
जैसे कि एकाएक उनका भाव सांतवे आसमान को छू रहा है।
विरोधी पार्टी का नेता उनका चरण छू रहा है
फिर नोटों की गड्डियों से उन्हें तौल रहा है।
लोकत्रंत्र का निरादर करने का अन्ना पर आरोप मढा रहा है।
फिर सदन के नेता द्वारा सदन में बताया जा रहा है।
लोकतंत्र का मान माननीय सदस्यों द्वारा बढ़ाया जा रहा है
अन्ना को भ्रष्ट बताया जा रहा है।
लोकपाल का पलीता लगाया जा रहा है।
स्वामी अग्निवेष को नेपथ्य से सामने लाया जा रहा है।
सदस्यों को नोटों की गड्डियों से तौला जा रहा है।
सदस्यों को लोकपाल कि प्रतियां फाड़ने का बोला जा रहा है।
अपने पक्ष में लाने के लिए उन्हें पकवान खिलाया जा रहा है।
उनका गुण गाया जा रहा है
उन्हें पटाया जा रहा है।
बात नहीं मानने पर
इस दुनिया को छोडकर चले जाने को बोला जा रहा है।
फिर दूसरा दृश्य सामने आता है
कि बहुमत के पक्ष में वोट करने के लिए
करोड़ो का पैकेज उन्हें दिया जा रहा है।
विपक्ष की नजर न लग जाए
इसलिए दूर कहीं हसीन वादियों में रखा जा रहा है।
डायरेक्टर के इच्छाअनुसार पार्ट बजाने को कहा जा रहा है।
महामहीम के सामने परेड करने के लिए बोला जा रहा है।

8 comments:

  1. बहुत सुन्दर वाह! बधाई और आभार

    ReplyDelete
  2. आज के राजनितिक माहौल पर तीखा व्यंग्य !

    ReplyDelete
  3. kya baat hai....bahut sahi likha aaj ki raajniti per.

    badhayi.

    ReplyDelete
  4. बहुत बढ़िया व्यंग्य रचना ...

    ReplyDelete
  5. नेताजी आराधना कर रहे हैं
    अपनी जीत के लिए साधना कर रहे हैं
    ..यही सब तो उनका काम है..
    रोजी रोटी और मुकाम है...
    ..बहुत बढ़िया सामयिक प्रस्तुति...

    ReplyDelete
  6. मेरी नयी पोस्ट !!!!!!!!चुप हूँ पर !!!!!!!!पढने के लिए
    इस लिंक पर क्लिक करें.
    http://dilkikashmakash.blogspot.com/

    ReplyDelete

लिखिए अपनी भाषा में

Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...