Thursday 2 February 2012

असंभव संभव है-

     आज तक वैज्ञानिकों ने जो नहीं किया वह राजनेताओं ने कर दिखाया। उत्तर प्रदेश में चल रहे वैज्ञानिक सम्मेलन में विभिन्न दल अपने-अपने शोध-पत्र यानी चुनावी घोषणा-पत्र प्रस्तुत कर रहे हैं। इस घोषणा-पत्र पर नजर डालने से विभिन्न पार्टियों द्वारा खोजी गई  नई चीजों के बारे में पता चलता है।  शोध-पत्रों से जहां पार्टियों का विज्ञान के प्रति उनके प्रेम का पता चलता है वहीं  दूसरी ओर उनका मानवता के प्रति सेवा-भाव भी झलकता है। सचमुच जिस देश का राजनेता भी वैज्ञानिक खोजों में रूची रखता हो, उस देश को आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक सकता।  जीवन को सुलभ बनाने में नेताओं का योगदान काबिलेतारीफ है। विज्ञान सम्मेलन.यानी चुनावी सम्मेलन में प्रस्तुत शोध-पत्र  को सुनकर लोग यह सोचने को भी मजबूर हो गये कि जिसे हम घोटाला के रूप में जानते हैं, कहीं वह हमारे देश-भक्त राजनेताओं का नूतन प्रयोग तो नहीं। मुझे तो राजनेताओं के चुनावी घोषणा-पत्र को पढ़कर लगा असंभव वाकई संभव है। पहले इसे मैं नेपोलियन का बड़बोलापन मानता था। 
     क्या उत्तर प्रदेश चुनाव से पहले कोई छात्र यह कल्पना कर सकता था कि उन्हें लैपटॉप भी फ्री में मिल सकता है। लेकिन नेताओं ने इसे संभव कर दिखाया। मुलायम सिंह के नेतृत्व वाली वैज्ञानिकों की टीम ने एक ऐसी खोज की है जिससे मानव जीवन में क्रांतिकारी बदलाव आएगा। इस टीम की खोज के बदौलत छात्रों को मुफ्त में लैपटॉप मिलेगा। हालांकि ऐसी खोज कर लेने का दावा तमिलनाड़ु चुनाव में भी किया जा चुका है। लेकिन धरातल पर खोज के नतीजे अबतक सामने नहीं आए हैं। फिलहाल आप विश्वास कीजिए क्योंकि संशयआत्मा विनष्यति। 
     इसके पहले टेबलेट आकाश को एक बड़ी खोज के रूप में देखा जा रहा था। और माना जा रहा था कि इसके मार्केट में आ जाने पर उन लोगों को भी इंटरनेट पर काम करने का सपना पूरा होगा जिसके लिए यह अब तक दूर की कौड़ी रहा है। 
     संभव है राहुल गांधी के नेतृत्ववाली वैज्ञानिकों की टीम मुफ्त में कुछ और देने की टेक्नोलॉजी डेवलप कर दे। वैसे दिग्गिराजा के नेतृत्व में भी एक टीम खोज में लगी है। और इस टीम ने इस बात का पता लगाने का दावा किया है कि बटलाहाउस इनकांउटर फेक था। उमा भारती वाली वैज्ञानिकों की टीम भी जोर-शोर से खोज में लगी है। अगर इस टीम ने मुफ्त में कार  देने की टेक्नोलॉजी खोज दी तब तो जनता की बल्ले-बल्ले होने से कोई नहीं रोक पाएगा। अमर सिंह की टीम भी किसी बड़ी खोज में लगी हुई है। मायावती के नेतृत्ववाली टीम, जो मुर्तियों पर अपने अनुसंधान करने के लिए जानी जाती है। इस सम्मेलन में लोगों को बता रही है कि मुर्तियां बड़े काम की चीज है। यह लोगों का पेट भी भर सकती हैं। 
     हालांकि नेताओं के इस खोज में कमियां ढ़ूंढने वाले भी कम नहीं हैं। अन्ना हजारे एव रामदेव की टीमें उनके खोजों का हवा निकालने में भी लगी है। खोज प्रेमी अन्ना हजारे भी भ्रष्टाचार के टीके की खोज अबतक नहीं कर पाए हैं। हालांकि उन्होंने  लोगों को जुटाकर खुब हो-हल्ला किया और करवाया। बाबारामदेव को भी यह वहम हो गया था कि रोगों का ईलाज करने जैसा हीं आसान भ्रष्टाचार के टीके की खोज करना है। लोकपाल का माला जपना तो आसान है लेकिन इसकी तार्किक अनिवार्यता सिद्ध करना संभव नहीं है। आखिर इस उत्तर आधुनिक युग में लोकपाल की क्या आवश्यकता है। ग्लोबलाइजेशन के इस युग में जब हर चीज का उदारीकरण हो रहा है। अनावष्यक प्रतिबन्धों को हटाया जा रहा है। चाहे वह नैतिकता के रूप में हो या किसी अन्य रूप में। तो भला लोकपाल जैसे प्रतिबन्धात्मक कानून की क्या आवश्यकता है। लोकपाल भी एक अनावश्यक प्रतिबन्ध है जो नेतागिरी के विकास में बाधक है। अगर व्यक्ति को धर्म करम हीं करना होगा तो वह राजनीति में क्यों आएगा। किसी मठ का मठाधीश नहीं बनेगा।  स्वतंत्रता आंदोलनवाली बात तो अब रही नहीं कि नेता आदर्श के लिए मरे-मिटे। 
     राजनेताओं की खोजी प्रवृत्ति इसी तरह जारी रही तो आईटी कंपनियां प्लेसमेंट के लिए विश्वविद्यालय कैंपस की जगह पार्टियों के दफतरों में जाएंगी। यह भी सच है कि हर चीज का फायदे के साथ-साथ नुकसान भी होता है। राजनेताओं ने वैज्ञानिकों की जगह लेकर उनकी रोजी-रोटी पर भी सवाल खड़ा कर दिया है। वैसे कई और क्षेत्रों में राजनेताओं के चलते लोग बेरोजगार हो चुके हैं। 
     मेरा बेटा मुझसे एकदिन हवाई जहाज खरीदने की जिद कर रहा था । मैंने कहा कि बेटा उत्तर प्रदेश चुनाव सम्पन्न होने का इंतजार कर लो क्या पता कोई दल तुम्हें हवाई जहाज खरीदकर दे दे। अगर कोई दल नहीं देगा तो मैं तुम्हें खरीद दूंगा। बताइए मैंने ठीक कहा है न। मैं आपसे भी कहना चाहूंगा कि धैर्य रखिए एवं नेताओं की क्षमता पर भरोसा रखिए वे एक दिन आपको सब कुछ मुफ्त देने की स्थिति में होंगे।

13 comments:

  1. सच्चाई बयान करता लेख
    आशा

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  2. अच्छा व्यंग्य ..
    kalamdaan.blogspot.com

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  3. लाज़वाब! बहुत सुंदर

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  4. कल 03/02/2012 को आपकी यह पोस्ट नयी पुरानी हलचल पर लिंक की जा रही हैं.आपके सुझावों का स्वागत है .
    धन्यवाद!

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  5. बेटा उत्तर प्रदेश चुनाव सम्पन्न होने का इंतजार कर लो क्या पता कोई दल तुम्हें हवाई जहाज खरीदकर दे दे।
    बहुत ही सटीक व्यंग्य, बढ़िया आलेख!

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  6. jabardast kataksh...sarahniye aalekh.

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  7. वाह ...बहुत खूब ।

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  8. बहुत सटीक व्यंग....

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