Saturday 11 February 2012

राज-तंत्र की बेल, बढ़ी इन रायबरेली ।।

राज-तंत्र की बेल, ताकता रायबरेली

Priyanka%20Gandhi%20kids%20(1).jpg
राय-बरेली फिर सजे, दिखे नए युवराय ।
नव पीढ़ी जो मंच पर, मम्मी मन हरषाय।

मम्मी मन हरषाय, देख के नाती नातिन ।
राहुल उम्र-दराज, साल अब जाते गिन-गिन ।

ख़्वाब देखती माय, व्याह का रविकर डेली ।
राज-तंत्र की बेल, बढ़ी इन रायबरेली ।।
 
पाला पोसा शौक से, बढ़ी नहीं जब बेल ।
तब चुनाव के मंच पर, दिखा अनोखा खेल ।

दिखा अनोखा खेल, डोर सत्ता की पकड़े ।
नौनिहाल अल-बेल , खड़े मैया को जकड़े ।

सदियों से परिवार, देश का सबसे आला ।
अगली पीढ़ी ठाढ़, पड़ेगा इससे पाला ।।

5 comments:

  1. बहुत सुन्दर प्रस्तुति!
    घूम-घूमकर देखिए, अपना चर्चा मंच
    लिंक आपका है यहीं, कोई नहीं प्रपंच।।
    --
    आपकी इस प्रविष्टी की चर्चा कल रविवार के चर्चा मंच पर की जाएगी!
    सूचनार्थ!

    ReplyDelete
  2. पाला पोसा शौक से, बढ़ी नहीं जब बेल ।
    तब चुनाव के मंच पर, दिखा अनोखा खेल ।
    रविकर जी की कुण्डलियाँ मन भाये ....

    ReplyDelete

लिखिए अपनी भाषा में

Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...