Friday 23 March 2012

विरुद-गीत भी व्यर्थ गाओ नहीं-

सही को सराहो बिराओ नहीं ।
विरुद-गीत भी व्यर्थ गाओ नहीं ।

किया इक तुरंती अगर टिप्पणी-
अनर्गल गलत भाव लाओ नहीं । 

करूँ भेद लिंगी धरम जाति ना 
खरी-खोटी यूँ तो सुनाओ नहीं ।

सुवन-टिप्पणी पर बड़े खुश दिखे 
मगर मित्र को तो भगाओ नहीं ।

टिप्पणी का जरा ब्लॉग देखो इधर-
रूठ कर इस तरह दूर जाओ नहीं ।। 

दिनेश की टिप्पणी - आपका लिंक 

15 comments:

  1. बहुत सही कह रहे हैं आप। औपचारिक टिप्पड़ी करके चले जाना वास्तव में बिराना ही होता है

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  2. its nice to read a useful article for beginner like me. Some of points from this article are very helpful for me as I haven’t considered them yet. I would like to say thank you for sharing this cool article. Bookmarked and sharing for friends.
    2001 Buick Electra AC Compressor

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  3. करूँ भेद लिंगी धरम जाति ना
    खरी-खोटी यूँ तो सुनाओ नहीं ।
    श्री मन टिपण्णी टांक इए ,बिन टिपण्णी सब सून ...

    ReplyDelete
  4. श्री मन टिपण्णी टांक इए ,बिन टिपण्णी सब सून ...

    ब्लोगर टिपण्णी के बिना रहता है महरूम .

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  5. श्री मन टिपण्णी टांक इए ,बिन टिपण्णी सब सून ...

    ब्लोगर टिपण्णी के बिना रहता है महरूम .

    चिठ्ठे पे टिपण्णी बिना ,चिठ्ठा है बेकार ,

    बिना पढ़े ही टिपिये सपने हों साकार .

    आशु कवि मात्रा गणित भाव गणित आपको पूरा करना है .

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  6. बहुत अच्छी प्रस्तुति!
    इस प्रविष्टी की चर्चा कल शनिवार के चर्चा मंच पर भी होगी!
    सूचनार्थ!
    आपको नव सम्वत्सर-2069 की हार्दिक शुभकामनाएँ!

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  7. सुंदर ......... अति सुंदर..............

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  8. नव संवत्सर का आरंभन सुख शांति समृद्धि का वाहक बने हार्दिक अभिनन्दन नव वर्ष की मंगल शुभकामनायें/ सुन्दर प्रेरक भाव में रचना बधाईयाँ जी /

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  9. वाह! बहुत आच्छे...
    सादर।

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  10. अति सुंदर.प्रेरक भाव,सादर।

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  11. करूँ भेद लिंगी धरम जाति ना
    खरी-खोटी यूँ तो सुनाओ नहीं ।
    सदाशयता नेकनीयती से प्रेरित उत्प्रेरित है पूरी रचना .साफ़ सफाई देते रहिये सफाई कर्मचारी बने रहिये पक्षियों की तरह .ब्लोगीय कचरा ज़रूरी है बुबुक्षा मिटाने के लिए .

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  12. नवरात्र के ४दिन की आपको बहुत बहुत सुभकामनाये माँ आपके सपनो को साकार करे
    आप ने अपना कीमती वकत निकल के मेरे ब्लॉग पे आये इस के लिए तहे दिल से मैं आपका शुकर गुजर हु आपका बहुत बहुत धन्यवाद्
    मेरी एक नई मेरा बचपन
    कुछ अनकही बाते ? , व्यंग्य: मेरा बचपन:
    http://vangaydinesh.blogspot.in/2012/03/blog-post_23.html
    दिनेश पारीक

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  13. सार्थक रचना... शुभकामनायें

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