Monday, 7 May, 2012

कहीं  धरती  तो  कहीं  आसमान  लिख  देना |
और  बेबस  की बंद है   जुबान,  लिख देना |
पत्र लिखना जो शहीदों के नाम, हे शायर !
आज   खतरे में तिरंगे की शान, लिख देना |

4 comments:

  1. पत्र लिखना जो शहीदों के नाम, हे शायर !
    आज खतरे में तिरंगे की शान, लिख देना |

    वाह...बहुत अच्छी प्रस्तुति,....सुरेन्द्र जी

    RECENT POST....काव्यान्जलि ...: कभी कभी.....

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  2. बहुत सुंदर देश-भक्ति से परिपूर्ण रचना!...बधाई!

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  3. वाह क्या बात है!! आपने बहुत उम्दा लिखा है...बधाई

    इसे भी देखने की जेहमत उठाएं शायद पसन्द आये-
    फिर सर तलाशते हैं वो

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