Sunday, 13 May, 2012

हाइगा





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8 comments:

  1. प्रभावशाली रचना...सुन्दर प्रस्तुति

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  2. रविकर चर्चा मंच पर, गाफिल भटकत जाय |
    विदुषी किंवा विदुष गण, कोई तो समझाय ||

    सोमवारीय चर्चा मंच / गाफिल का स्थानापन्न

    charchamanch.blogspot.in

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  3. अच्छी पोस्ट!
    --
    मातृदिवस की शुभकामनाएँ!

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  4. बहुत ही बेहतरीन और प्रशंसनीय प्रस्तुति....


    इंडिया दर्पण
    की ओर से आभार।

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    1. भाई साहब बहुत बढ़िया रचना है गागर में सागर भर दिया है .सटीक .

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  5. बहुत सार्थक और सुन्दर हाइगा....

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