Monday 21 May 2012

द्वन्द  में  आचरण नहीं होता |
हर्ष       में  आवरण  नहीं होता |
पंख है,  चाहें जिधर    उड़ जाएँ ,
प्यार में व्याकरण नहीं होता |

5 comments:

  1. बढ़िया प्रस्तुति आपकी, बहुत बहुत आभार |

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  2. बहुत बेहतरीन व प्रभावपूर्ण रचना....
    मेरे ब्लॉग पर आपका हार्दिक स्वागत है।

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  3. बहुत सुन्दर!! प्यार में व्याकरण नहीं होता

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