Sunday, 10 June, 2012

जल जीवन का मूल


जल जीवन का मूल है , इस बिन पड़े न पार
त्राहिमाम करता फिरे, बिन इसके संसार |
बिन इसके संसार , एक पल जी ना सकता
फिर भी मानव मूढ़ , कद्र इसकी ना करता |
सबसे पूछे विर्क , क्यों खुले बहते हैं नल 
मलने होंगे हाथ , अगर नहीं बचाया जल |

--------- दिलबाग विर्क 

****************

10 comments:

  1. आवश्यक संदेश!!!

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  2. यही लिखने जा रहा था जो समीर भैया लिख गये।(:

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  3. जल ही जीवन है ,इसके बिना कोई जीने की कल्पना भी नहीं कर सकता ! हमें इसे व्यर्थ नहीं बहाना चाहिए !

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  4. सार्थक संदेसा देती रचना....

    सादर.

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  5. (¯`'•.¸*♥♥♥♥*¸.•'´¯)
    ♥बहुत सुन्दर प्रस्तुति♥(¯`'•.¸*♥♥*¸.•'´¯)♥
    ♥♥(¯`'•.¸**¸.•'´¯)♥♥
    -=-सुप्रभात-=-
    (¸.•'´*♥♥♥♥*`'•.¸)

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  6. जल जीवन का मूल मंत्र है संदेश देती रचना,,,,, ,

    MY RECENT POST,,,,काव्यान्जलि ...: ब्याह रचाने के लिये,,,,,

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  7. जल जीवन का मूल है , इस बिन पड़े न पार
    त्राहिमाम करता फिरे, बिन इसके संसार |
    बिन इसके संसार , एक पल जी ना सकता
    फिर भी मानव मूढ़ , कद्र इसकी ना करता |
    सबसे पूछे विर्क , क्यों खुले बहते हैं नल
    मलने होंगे हाथ , अगर नहीं बचाया जल |
    ha.कृपया यहाँ भी पधारें -सार्थक सन्देश जल संरक्षण का ,खूब सूरत अल्फाजों में .....

    भैया भ्भैया abha.कृपया यहाँ भी पधारें -
    रविवार, 10 जून 2012
    टूटने की कगार पर पहुँच रहें हैं पृथ्वी के पर्यावरण औ र पारि तंत्र प्रणालियाँ Environment is at tipping point , warns UN report/TIMES TRENDS /THE TIMES OF INDIA ,NEW DELHI,JUNE 8 ,2012,१९
    http://veerubhai1947.blogspot

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  8. क्या बात है!!
    आपके इस सुन्दर प्रविष्टि का लिंक दिनांक 11-06-2012 को सोमवारीय चर्चामंच पर भी होगा। सादर सूचनार्थ

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  9. सुंदर कुण्डलिया....
    सादर बधाई।

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