Monday, 20 January, 2014

होवे पुलिस अधीन, जाय क्यूँ अलग कमाई

माई-मामा मारते, मजा यहाँ हरवक्त |
पुलिस उगाही में जुटी, बा-शिंदे के भक्त |

बा-शिंदे के भक्त, आपका गर बन पाये |
पाया बँगला कार, मजा दुगुना हो जाये  |

छुटभैये बड़वार, दलाली तब चमकाई |
होवे पुलिस अधीन, जाय क्यूँ अलग कमाई --

Monday, 13 January, 2014

हाँ से खेलें देह दो, वर्षों कामुक खेल -

हाँ से खेलें देह दो, वर्षों कामुक खेल |
दर्ज शिकायत इक करे, हो दूजे को जेल |

हो दूजे को जेल, नौकरी शादी झाँसा |
यह सिद्धांत अपेल, बनाया अच्छा-खाँसा |

हुई मौज वह झूठ, कोर्ट के नहीं दिलासे । 
इन रिश्तों पर मात्र, आज यह दुनिया हाँसे |

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