Monday, 16 January, 2012

....चुनाव का मौसम

लो,आ गया...... चुनाव का मौसम |
वोट के ...  मोल-भाव  का मौसम |

चकाचक दिख रही खादी की चमक ,
दल बदल... ठाँव ठाँव , का  मौसम |

एक  दूजे  पे ...........फेंकते कीचड़ ,
छुट्टा भैंसों के ....चाव का मौसम |

सिर्फ कहते हैं......नहीं सुनते कुछ ,
कौवों के काँव-काँव.... का मौसम |

जाति-मज़हब के......उठ रहे झण्डे ,
है दिलों के .......दुराव  का  मौसम |

पञ्च-परधान .........रंग  बदले  हैं,
यही बदलेंगे .......गाँव का मौसम |

10 comments:

  1. महत्वपूर्ण अपडेट शुक्रिया .सीधी बात सच्ची बात ,कोई न दुराव .दो बेलों की ओट सांड फिर आया रे ......प्रियंका की मीठी छवि भी लाया रे ........मंद मति ने सबको है बहकाया रे .....लो चुनाव का मौसम फिर से आया रे .....बधाई झंझट जी .

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  2. बहुत बढ़िया ..एक बात तो पक्की है 'खादी उद्योग'की ज़रूर पौ बारह होती होगी चुनाव के समय.. :))
    मेरे ब्लॉग पर आपका स्वागत है
    kalamdaan.blogspot.com

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  3. बढिया
    हां जी आ गया चुनाव का मौसम

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  4. सटीक और सामयिक अभिव्यक्ति...बधाई और आभार

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  5. अपनी सुविधा से लिए, चर्चा के दो वार।
    चर्चा मंच सजाउँगा, मंगल और बुधवार।।
    घूम-घूमकर देखिए, अपना चर्चा मंच
    लिंक आपका है यहीं, कोई नहीं प्रपंच।।
    आपकी इस प्रविष्टी की चर्चा कल मंगलवार के चर्चा मंच पर भी होगी!
    सूचनार्थ!

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  6. चकाचक दिख रही खादी की चमक ,
    दल बदल... ठाँव ठाँव , का मौसम |
    great

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  7. बहुत सुन्दर रचना

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  8. बहुत सुन्दर और सामयिक प्रस्तुति

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